Showing posts with label श्री बद्रीनाथजी की आरती. Show all posts
Showing posts with label श्री बद्रीनाथजी की आरती. Show all posts

Thursday, 11 February 2016

श्री बद्रीनाथजी की आरती

पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम।
श्री निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम।
शेष सुमिरन करत निशिदिन, धरत ध्यान महेश्वरम।
श्री वेद ब्रह्मा करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम।
इन्द्र, चन्द्र, कुबेर, दिनकर धूप दीप प्रकाशिनम।
सिद्ध मुनिजन करत जय जय श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम।
शक्ति,गौरी,गणेश, शारदा, नारद मुनि उच्चारणं।
योगध्यान अपार लीला श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम।
यक्ष किन्नर करत कौतुक ज्ञान गन्धर्व प्रकाशितम ।
श्री लक्ष्मी कमला चंवर डोले श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम।
कैलाश में एक देव निरंजन शैल शिखर महेश्वरम।
राजा युधिष्ठिर करत स्तुति श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम।
श्री बद्रीनाथजी की पडत स्तुति होत पाप विनाशनम।
कोटि तीरथ भयो पुण्य प्राप्त ये फलदायकम।